Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.70.13: सबसे पहले ब्राह्मणों को फूलों की माला, पान और चंदन का लेप बाँटने के पश्चात, वही उपहार अपने मित्रों, मंत्रियों और पत्नियों को प्रदान करते और अंत में स्वयं उनका उपभोग करते। | bhagavat अध्याय 10.70: भगवान् कृष्ण की दैनिक चर्या । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सबसे पहले ब्राह्मणों को फूलों की माला, पान और चंदन का लेप बाँटने के पश्चात, वही उपहार अपने मित्रों, मंत्रियों और पत्नियों को प्रदान करते और अंत में स्वयं उनका उपभोग करते।
After first distributing garlands of flowers, betel leaves and sandalwood paste to the Brahmins, he would give the same gifts to his friends, ministers and wives and finally consume them himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥