श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 69: नारद मुनि द्वारा द्वारका में भगवान्  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  10.69.39 
अनुजानीहि मां देव लोकांस्ते यशसाप्लुतान् ।
पर्यटामि तवोद्गायन् लीला भुवनपावनी: ॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु, मुझे विदा दीजिए। मैं उन लोकों में विचरण करूँगा जो आपकी प्रसिद्धि से भरे हैं, और पूरे ब्रह्मांड को पवित्र करने वाली आपकी लीलाओं का जोर-जोर से गायन करूँगा।
 
हे प्रभु, मुझे विदा दीजिए। मैं उन लोकों में विचरण करूँगा जो आपकी प्रसिद्धि से भरे हैं, और पूरे ब्रह्मांड को पवित्र करने वाली आपकी लीलाओं का जोर-जोर से गायन करूँगा।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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