[नारद बोले] : हे परमात्मा, योगविद्या के स्वामी, अब हम आपकी रहस्यमय शक्तियों को समझ पाए हैं, जिनको बड़े-बड़े योगी भी मुश्किल से समझ पाते हैं। केवल आपके चरणों की सेवा करने से ही मैं आपकी शक्तियों को अनुभव कर सका हूँ।
[Narada said] : O Supreme Being, O Yogeshwar, now we have been able to understand your yogic powers, which even great Yogis find difficult to understand. Only by serving your feet, I have been able to experience your powers.
तात्पर्य
आचार्यों के अनुसार, इस श्लोक से यह संकेत मिलता है कि भगवान ब्रह्मा और भगवान शिव जैसे महान योगी भी भगवान की रहस्यमयी शक्तियों को पूरी तरह समझ नहीं पाते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥