श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 69: नारद मुनि द्वारा द्वारका में भगवान्  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  10.69.32 
पुत्राणां दुहितृणां च काले विध्युपयापनम् ।
दारैर्वरैस्तत्सद‍ृशै: कल्पयन्तं विभूतिभि: ॥ ३२ ॥
 
 
अनुवाद
नारद ने देखा कि भगवान कृष्ण अपने बच्चों का विवाह उपयुक्त समय पर कर रहे हैं और यह विवाह समारोह उत्साह से मनाये जा रहे है।
 
नारद ने देखा कि भगवान कृष्ण अपने बच्चों का विवाह उपयुक्त समय पर कर रहे हैं और यह विवाह समारोह उत्साह से मनाये जा रहे है।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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