दशामिमां वा कतमेन कर्मणा
सम्प्रापितोऽस्यतदर्ह: सुभद्र ।
आत्मानमाख्याहि विवित्सतां नो
यन्मन्यसे न: क्षममत्र वक्तुम् ॥ ८ ॥
अनुवाद
“आपके पिछले कर्मों के कारण ही आपको यह स्थिति प्राप्त हुई है? हे महात्मा, ऐसा लगता है कि आप ऐसे भाग्य के भागी नहीं थे। हम आपके बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं, इसलिए यदि आपको लगता है कि यह बताने का सही समय और स्थान है तो कृपया हमें अपने बारे में बताएं।”
“What past deeds have brought you to this state? O Mahatma, it seems that you did not deserve such a fate. We want to know about you, so if you consider this time and place appropriate to tell us, please tell us about yourself.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥