श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 62: ऊषा-अनिरुद्ध मिलन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  10.62.14 
द‍ृष्ट: कश्चिन्नर: स्वप्ने श्याम: कमललोचन: ।
पीतवासा बृहद्ब‍ाहुर्योषितां हृदयंगम: ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
[ऊषा ने कहा]: मैंने सपने में एक आदमी देखा जिसका रंग नीला था, आँखें कमल के फूल जैसी, कपड़े पीले रंग के और बाँहे मज़बूत थीं। वह ऐसा था जो औरतों के दिलों को छू लेता है।
 
[ऊषा ने कहा]: मैंने सपने में एक आदमी देखा जिसका रंग नीला था, आँखें कमल के फूल जैसी, कपड़े पीले रंग के और बाँहे मज़बूत थीं। वह ऐसा था जो औरतों के दिलों को छू लेता है।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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