श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 61: बलराम द्वारा रुक्मी का वध  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  10.61.8-9 
चारुदेष्ण: सुदेष्णश्च चारुदेहश्च वीर्यवान् ।
सुचारुश्चारुगुप्तश्च भद्रचारुस्तथापर: ॥ ८ ॥
चारुचन्द्रो विचारुश्च चारुश्च दशमो हरे: ।
प्रद्युम्नप्रमुखा जाता रुक्‍मिण्यां नावमा: पितु: ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
महारानी रुक्मिणी के सबसे बड़े पुत्र प्रद्युम्न थे। उनके अन्य पुत्रों में चारुदेष्ण, सुदेष्ण, पराक्रमी चारुदेह, सुचारु, चारुगुप्त, भद्रचारु, चारुचन्द्र, विचारु और दसवें पुत्र चारु थे। भगवान हरि के इन पुत्रों में से कोई भी अपने पिता से कम नहीं थे।
 
महारानी रुक्मिणी के सबसे बड़े पुत्र प्रद्युम्न थे। उनके अन्य पुत्रों में चारुदेष्ण, सुदेष्ण, पराक्रमी चारुदेह, सुचारु, चारुगुप्त, भद्रचारु, चारुचन्द्र, विचारु और दसवें पुत्र चारु थे। भगवान हरि के इन पुत्रों में से कोई भी अपने पिता से कम नहीं थे।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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