श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 61: बलराम द्वारा रुक्मी का वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  10.61.38 
अन्ये निर्भिन्नबाहूरुशिरसो रुधिरोक्षिता: ।
राजानो दुद्रवर्भीता बलेन परिघार्दिता: ॥ ३८ ॥
 
 
अनुवाद
बलराम की गदा से पीड़ित होकर, अन्य राजा डर के मारे भाग खड़े हुए। उनकी भुजाएँ, जाँघें और सिर टूट गये थे और उनके शरीर खून से लथपथ थे।
 
बलराम की गदा से पीड़ित होकर, अन्य राजा डर के मारे भाग खड़े हुए। उनकी भुजाएँ, जाँघें और सिर टूट गये थे और उनके शरीर खून से लथपथ थे।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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