श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 61: बलराम द्वारा रुक्मी का वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  10.61.18 
दीप्तिमांस्ताम्रतप्ताद्या रोहिण्यास्तनया हरे: ।
प्रद्यम्नाच्चानिरुद्धोऽभूद्रुक्‍मवत्यां महाबल: ।
पुत्र्यां तु रुक्‍मिणो राजन् नाम्ना भोजकटे पुरे ॥ १८ ॥
 
 
अनुवाद
दीप्तिमान, ताम्रतप्त इत्यादि भगवान श्री कृष्ण और रोहिणी के पुत्र थे। प्रद्युम्न, श्री कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र थे। प्रद्युम्न ने रुक्मवती के गर्भ से महान पराक्रमी अनिरुद्ध को जन्म दिया। हे राजन्, यह सब कुछ तब हुआ जब ये लोग भोजकटक में रह रहे थे।
 
दीप्तिमान, ताम्रतप्त इत्यादि भगवान श्री कृष्ण और रोहिणी के पुत्र थे। प्रद्युम्न, श्री कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र थे। प्रद्युम्न ने रुक्मवती के गर्भ से महान पराक्रमी अनिरुद्ध को जन्म दिया। हे राजन्, यह सब कुछ तब हुआ जब ये लोग भोजकटक में रह रहे थे।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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