| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ » अध्याय 61: बलराम द्वारा रुक्मी का वध » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 10.61.13  | वीरश्चन्द्रोऽश्वसेनश्च चित्रगुर्वेगवान् वृष: ।
आम: शङ्कुर्वसु: श्रीमान् कुन्तिर्नाग्नजिते: सुता: ॥ १३ ॥ | | | | | | अनुवाद | | नाग्नजिती के पुत्र थे वीर, चन्द्र, अश्वसेन, चित्रगु, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और सम्पन्नता युक्त कुन्ती। | | | | नाग्नजिती के पुत्र थे वीर, चन्द्र, अश्वसेन, चित्रगु, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और सम्पन्नता युक्त कुन्ती। | | ✨ ai-generated | | |
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