"कन्या-पुरे स कन्यानाम्
षोडशा तुल्य-विक्रमः
शताधिकानि ददृशे
सहस्राणि महा-मते"
"ओ बुद्धिमान, कुंवारी कन्याओं के कक्ष में उस अद्वितीय prowess के भगवान ने 16,100 राजकुमारियों को पाया।"
विष्णु पुराण (5.29.9) का एक और प्रासंगिक श्लोक इस प्रकार है:
"देव-सिद्धासुरादीनाम्
नृपानाम् च जनार्दन
हृत्वा हि सोऽसुरः कन्या
रुरोध निज-मंदिरे"
"दानव [भौमासुर] ने देवताओं, सिद्धों, असुरों और राजाओं की अविवाहित बेटियों का अपहरण कर लिया, हे जनार्दन, और उन्हें अपने महल में कैद कर लिया।"
