Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.54.3: अश्वों की पीठों, गजेंद्रों के कंधों और रथों के आसनों पर आसीन अस्त्रों में प्रवीण शत्रु राजाओं ने यदुओं पर बाणों की झड़ी लगा दी, जिस प्रकार मेघ पर्वतों पर वर्षा करते हैं। | bhagavat अध्याय 10.54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वों की पीठों, गजेंद्रों के कंधों और रथों के आसनों पर आसीन अस्त्रों में प्रवीण शत्रु राजाओं ने यदुओं पर बाणों की झड़ी लगा दी, जिस प्रकार मेघ पर्वतों पर वर्षा करते हैं।
Sitting on the backs of horses, on the shoulders of elephants and on the seats of chariots, the enemy kings, adept in weapons, showered arrows on the Yadus just as clouds rain on mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥