पुरं सम्मृष्टसंसिक्तमार्गरथ्याचतुष्पथम् ।
चित्रध्वजपताकाभिस्तोरणै: समलङ्कृतम् ॥ ८ ॥
स्रग्गन्धमाल्याभरणैर्विरजोऽम्बरभूषितै: ।
जुष्टं स्त्रीपुरुषै: श्रीमद्गृहैरगुरुधूपितै: ॥ ९ ॥
अनुवाद
राजा ने मुख्य मार्गों, व्यापारिक सडक़ों और चौराहों को अच्छी तरह से साफ कराया और फिर उन पर पानी का छिड़काव करवाया। उसने शहर को विजय के प्रतीक तोरण और रंगीन झंडों से सजाया। शहर के पुरुष और महिलाओं ने स्वच्छ कपड़े पहने और अपने शरीरों पर सुगंधित चंदन का लेप लगाया। उन्होंने कीमती हार, फूलों की मालाएँ और रत्न जटित आभूषण पहने। उनके शानदार घर अगुरु की सुगंध से भर गए।
The king had the main roads, commercial streets and crossings cleaned thoroughly and then had water sprinkled on them. He decorated the city with victory arches and colourful flags on pillars. The men and women of the city wore clean clothes and applied fragrant sandalwood paste on their bodies and wore precious necklaces, flower garlands and jewelled ornaments. Their grand houses were filled with the fragrance of aguru.
तात्पर्य
जब मिटटी की सड़कों पर पानी छिड़का जाता है, तो धूल बैठ जाती है और सड़क चिकनी और पक्की हो जाती है। राजा भीष्मक ने उस महान विवाह की खूब तैयारी की, ताकि सुंदर रुक्मिणी-देवी का भगवान कृष्ण द्वारा विजयी रूप से हरण किया जाए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥