Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.49.3: गाँधीनी के पुत्र अक्रूर अपने सभी रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने के बाद, उन सब ने अपने परिवार के सदस्यों के समाचार पूछे और बदले में अक्रूर ने उन सब की कुशलता पूछी। | bhagavat अध्याय 10.49: अक्रूर का हस्तिनापुर जाना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथावदुपसङ्गम्य बन्धुभिर्गान्दिनीसुत: ।
सम्पृष्टस्तै: सुहृद्वार्तां स्वयं चापृच्छदव्ययम् ॥ ३ ॥
अनुवाद
गाँधीनी के पुत्र अक्रूर अपने सभी रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने के बाद, उन सब ने अपने परिवार के सदस्यों के समाचार पूछे और बदले में अक्रूर ने उन सब की कुशलता पूछी।
When Gandini's son Akrur had met all his relatives and friends well, they asked about the news of their family members and in reply Akrur asked about their well-being.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥