अंततः, कोई यह तर्क दे सकता है कि आखिरकार, धृतराष्ट्र भगवान के लीलाओं में शामिल हैं और वास्तव में उनके शाश्वत साथी हैं। इसके उत्तर में, हम कह सकते हैं कि भगवान की लीलाएँ केवल मनोरंजक ही नहीं बल्कि उपदेशात्मक भी हैं, और यहाँ सबक यह है कि धृतराष्ट्र को उचित व्यवहार करना चाहिए। यही वह शिक्षा है जिसे भगवान देना चाहते थे। धृतराष्ट्र का दावा है कि पृथ्वी के बोझ को दूर करने के लिए कृष्ण आए थे, लेकिन पृथ्वी का बोझ तो उसके निवासियों का गलत व्यवहार है। तो, आइए उस सबक को लें जिसे भगवान यहाँ देना चाहते हैं और अपने लाभ के लिए शिक्षित हों।
