Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.45.22: वे ही असली माता-पिता हैं जो भरण-पोषण और सुरक्षा करने में असमर्थ परिजनों द्वारा छोड़े गए बच्चों की देखभाल अपने ही बच्चों की तरह करते हैं। | bhagavat अध्याय 10.45: कृष्ण द्वारा अपने गुरु-पुत्र की रक्षा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स पिता सा च जननी यौ पुष्णीतां स्वपुत्रवत् ।
शिशून् बन्धुभिरुत्सृष्टानकल्पै: पोषरक्षणे ॥ २२ ॥
अनुवाद
वे ही असली माता-पिता हैं जो भरण-पोषण और सुरक्षा करने में असमर्थ परिजनों द्वारा छोड़े गए बच्चों की देखभाल अपने ही बच्चों की तरह करते हैं।
They are the real parents who take care of children abandoned by relatives who are unable to nurture and care for them, as if they were their own sons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥