Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.45.19: शहर के सबसे ज़्यादा वृद्धवासी भी ताक़त और स्फूर्ति से भरे हुए नौजवान लगते थे, क्योंकि उनकी आँखें लगातार भगवान मुकुंद के कमल के चेहरे के अमृत को पीती थीं। | bhagavat अध्याय 10.45: कृष्ण द्वारा अपने गुरु-पुत्र की रक्षा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्र प्रवयसोऽप्यासन् युवानोऽतिबलौजस: ।
पिबन्तोऽक्षैर्मुकुन्दस्य मुखाम्बुजसुधां मुहु: ॥ १९ ॥
अनुवाद
शहर के सबसे ज़्यादा वृद्धवासी भी ताक़त और स्फूर्ति से भरे हुए नौजवान लगते थे, क्योंकि उनकी आँखें लगातार भगवान मुकुंद के कमल के चेहरे के अमृत को पीती थीं।
Even the very old people of that city began to look young and full of strength and vigor because they were constantly drinking the nectar from the lotus mouth of Lord Mukunda with their eyes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥