Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.41.49: [शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा]: हे राजाओं में श्रेष्ठ, ये शब्द कहने के बाद सुदामा समझ गए कि कृष्ण और बलराम क्या चाहते थे। इसलिए अत्यंत प्रसन्नता के साथ उन्होंने उन्हें ताज़े, सुगंधित फूलों की मालाएँ भेंट कीं। | bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
[शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा]: हे राजाओं में श्रेष्ठ, ये शब्द कहने के बाद सुदामा समझ गए कि कृष्ण और बलराम क्या चाहते थे। इसलिए अत्यंत प्रसन्नता के साथ उन्होंने उन्हें ताज़े, सुगंधित फूलों की मालाएँ भेंट कीं।
[Śukadeva Gosvāmī continued]: O best of kings, by saying these words Sudāmā understood what Kṛṣṇa and Balarāma desired. Thus, with great joy he offered them garlands of fresh fragrant flowers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥