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bhagavat 10.41.36: मूर्खो, झट से यहाँ से गुम हो जाओ। अगर तूने जान बचाने की चाहत रखी है तो यूँ मिन्नतें मत कर। जब कोई हद से ज्यादा अड़ंगाबाजी करता है, तो राजा के सिपाही उसे पकड़ लेते हैं और मार देते हैं। और उसकी सारी संपत्ति लूट लेते हैं।   |   bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  10.41.36 
याताशु बालिशा मैवं प्रार्थ्यं यदि जिजीवीषा ।
बध्नन्ति घ्नन्ति लुम्पन्ति द‍ृप्तं राजकुलानि वै ॥ ३६ ॥
 
 
अनुवाद
मूर्खो, झट से यहाँ से गुम हो जाओ। अगर तूने जान बचाने की चाहत रखी है तो यूँ मिन्नतें मत कर। जब कोई हद से ज्यादा अड़ंगाबाजी करता है, तो राजा के सिपाही उसे पकड़ लेते हैं और मार देते हैं। और उसकी सारी संपत्ति लूट लेते हैं।
 
Fools, get out of here immediately. If you want to stay alive, do not beg like this. When someone becomes too unruly, the king's servants arrest him and kill him. And take away all his property.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)