Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.41.31: मथुरा की महिलाएं आश्चर्य से बोलीं: अरे! समस्त मानव-जाति को अत्यंत आनंद प्रदान करने वाले कृष्ण और बलराम को लगातार कैसे देख पाती हैं गोपियां, उन्होंने कौन सी कठोर तपस्याएं की होंगी? | bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऊचु: पौरा अहो गोप्यस्तप: किमचरन्महत् ।
या ह्येतावनुपश्यन्ति नरलोकमहोत्सवौ ॥ ३१ ॥
अनुवाद
मथुरा की महिलाएं आश्चर्य से बोलीं: अरे! समस्त मानव-जाति को अत्यंत आनंद प्रदान करने वाले कृष्ण और बलराम को लगातार कैसे देख पाती हैं गोपियां, उन्होंने कौन सी कठोर तपस्याएं की होंगी?
The women of Mathura cried out: Ah! What severe austerities must the gopis have performed to be able to see unceasingly Krishna and Balarama, who give so much joy to all mankind?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥