Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.41.24: मथुरा की स्त्रियाँ जल्दी-जल्दी इकट्ठा हो गईं और जैसे ही वसुदेव के दोनों पुत्र अपने ग्वाल-बाल मित्रों के साथ राजमार्ग से नगर में प्रवेश कर रहे थे, वैसे ही वो उन्हें देखने के लिए बाहर निकल आईं। हे राजा, कुछ महिलाएँ उन्हें देखने की उत्सुकता में अपने घरों की छतों पर चढ़ गईं। | bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मथुरा की स्त्रियाँ जल्दी-जल्दी इकट्ठा हो गईं और जैसे ही वसुदेव के दोनों पुत्र अपने ग्वाल-बाल मित्रों के साथ राजमार्ग से नगर में प्रवेश कर रहे थे, वैसे ही वो उन्हें देखने के लिए बाहर निकल आईं। हे राजा, कुछ महिलाएँ उन्हें देखने की उत्सुकता में अपने घरों की छतों पर चढ़ गईं।
The women of Mathura hurriedly assembled and came out to see the two sons of Vasudeva as soon as they entered the city by the highway, surrounded by their cowherd boy friends. O King, some of the women climbed to the roofs of their houses in eagerness to see them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥