मोचयामास निगडाद् विश्रब्ध: कन्यकागिरा ।
देवकीं वसुदेवं च दर्शयन्नात्मसौहृदम् ॥ २४ ॥
अनुवाद
देवी दुर्गा की वाणी पर पूरा विश्वास रखते हुए, कंस ने देवकी और वसुदेव के लिए पारिवारिक प्रेम दिखाया और उन्हें तुरंत लोहे की जंजीरों से मुक्त कर दिया।
Having full faith in the words of Goddess Durga, Kansa immediately released Devaki and Vasudeva from the iron chains and demonstrated familial affection.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥