साधारण व्यक्ति अपनी इच्छाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु संकल्पित रहता है चाहे भाग्य उनकी इच्छाओं को पूरा न होने दे। अतः वह सुख और दुख दोनों का सामना करता है। इसके बाद भी मैं आपके आदेश का पालन करूँगा।
An ordinary person is determined to act according to his desires even if his fate does not allow him to fulfill them. Hence, he faces both happiness and misery. Despite all this, I will carry out your command.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि यद्यपि अक्रूर ने जो कुछ कहा वह शिष्ट और उत्साहवर्धक था, परन्तु उसका गुप्त अर्थ बिलकुल भिन्न था। उनका वास्तविक अर्थ यह था: "आपकी योजना निष्पादन के लायक नहीं है, फिर भी मैं उसे पूरा करूंगा क्योंकि आप राजा हैं और मैं आपका सेवक हूं, और किसी भी हालत में, आप मरने वाले हैं।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥