हे व्रतों के श्रद्धालु पालक, कृपा करके हमें यह बताकर हमारे संदेह का निवारण करें कि पूर्णकाम यदुपति के मन में वह कौन सा उद्देश्य था जिसकी वजह से उन्होंने इतने निंदनीय ढंग से व्यवहार किया?
O devout devotee, kindly remove our doubt by telling us what was the intention in the mind of Purnakam Yadupati that made him behave in such a condemnable manner?
तात्पर्य
परम तत्व के रहस्यों से अनभिज्ञ व्यक्तियों के मन और हृदय में ये शंकाएँ उठना स्वाभाविक है, यह जानने वालों के लिए स्पष्ट है। इसलिए प्राचीन काल से ही जैसे परीक्षित महाराज जैसे महान ऋषि और प्रबुद्ध राजाओं ने इन प्रश्नों को खुले तौर पर उठाया है ताकि सभी के लिए भविष्य के लिए एक आधिकारिक उत्तर प्रदान किया जा सके।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥