तत्रारभत गोविन्दो रासक्रीडामनुव्रतै: ।
स्त्रीरत्नैरन्वित: प्रीतैरन्योन्याबद्धबाहुभि: ॥ २ ॥
अनुवाद
तदनंतर भगवान गोविंद ने यमुना के तट पर उन स्त्री-रत्न गोपियों के संग रासनृत्य लीला शुरू की, जिन्होंने प्रसन्नता से अपनी बाँहों को एक-दूसरे के साथ जोड़ लिया।
Thereafter Lord Govinda commenced the Raasa dance leela there on the bank of the Yamuna in the company of the devoted female Gopis who, in joy, chained their arms together.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥