Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.22.36: इस प्रकार वृक्षों के बीच से विचरण करते हुए, जिनकी शाखाएँ पत्तियों, फूलों, फलों और कोपलों की बहुलता से झुकी हुई थी, भगवान श्रीकृष्ण यमुना नदी के तट पर पहुँचे। | bhagavat अध्याय 10.22: कृष्ण द्वारा अविवाहिता गोपियों का चीरहरण । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार वृक्षों के बीच से विचरण करते हुए, जिनकी शाखाएँ पत्तियों, फूलों, फलों और कोपलों की बहुलता से झुकी हुई थी, भगवान श्रीकृष्ण यमुना नदी के तट पर पहुँचे।
Thus moving among the trees, whose branches were laden with an abundance of buds, fruits, flowers and leaves, Lord Krishna came to the bank of the river Yamuna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥