"हे संत कन्याओं, मैं समझ गया हूँ कि इस तपस्या के पीछे तुम्हारा असली इरादा मेरी पूजा करना था। तुम्हारी इस कामना को मैं स्वीकृत करता हूँ और यह निश्चित रूप से पूरी होगी।"
“O pious girls, I understand that your real intention behind this penance was to worship me. I approve of your desire and it will surely come true.
तात्पर्य
जैसे कृष्ण सभी प्रकार की अशुद्ध इच्छाओं से मुक्त हैं वैसे ही गोपियाँ भी हैं। इसलिए उनके द्वारा कृष्ण को अपना पति बनाने का प्रयास किसी व्यक्तिगत इंद्रिय सुख की प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि कृष्ण की सेवा में लीन होने और उन्हें संतुष्टि प्रदान करने की अत्यधिक इच्छा के कारण किया गया। अपने प्रगाढ़ प्रेम के कारण गोपियाँ कृष्ण को भगवान नहीं बल्कि संपूर्ण सृष्टि में सबसे अद्भुत लड़का मानती थीं और सुंदर नवयौवना होने के कारण वे केवल अपनी प्रेमपूर्ण सेवा द्वारा ही उन्हें संतुष्ट करना चाहती थीं। भगवान कृष्ण गोपियों की पवित्र इच्छा को समझते थे और इस तरह से संतुष्ट थे। प्रभु किसी भी साधारण वासना से संतुष्ट नहीं हो सकते थे लेकिन वे वृंदावन की गोपियों के अत्यधिक प्रेममय भक्ति से प्रभावित हुए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥