श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 2: देवताओं द्वारा गर्भस्थ कृष्ण की स्तुति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  10.2.3 
ते पीडिता निविविशु: कुरुपञ्चालकेकयान् ।
शाल्वान् विदर्भान् निषधान् विदेहान् कोशलानपि ॥ ३ ॥
 
 
अनुवाद
राक्षसी राजाओं द्वारा सताए जाने पर यादवों ने अपना राज्य त्याग दिया और कुरु, पांचाल, केकय, शाल्व, विदर्भ, निषध, विदेह और कोसल राज्य में प्रवेश किया।
 
Persecuted by Asura kings, the Yadavas left their kingdom and entered the kingdoms of the Kurus, Panchalas, Kekayas, Salvas, Vidarbhas, Nishadhas, Videhas and Kosalas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)