Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.17.18: इसके बाद ब्राह्मणों ने नंद महाराज को सुझाव दिया कि, "अपने पुत्र कृष्ण को हमेशा खतरे से मुक्त रखने के लिए आश्वस्त रहने हेतु तुम्हें ब्राह्मणों को दान अवश्य करना चाहिए।" हे राजन्, तब हर्षित नंद महाराज ने प्रसन्न मन से उन्हें गायों और सोने की भेंट दी। | bhagavat अध्याय 10.17: कालिय का इतिहास । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद ब्राह्मणों ने नंद महाराज को सुझाव दिया कि, "अपने पुत्र कृष्ण को हमेशा खतरे से मुक्त रखने के लिए आश्वस्त रहने हेतु तुम्हें ब्राह्मणों को दान अवश्य करना चाहिए।" हे राजन्, तब हर्षित नंद महाराज ने प्रसन्न मन से उन्हें गायों और सोने की भेंट दी।
Then, the brahmanas advised Nanda Maharaja, “To ensure that your son Krishna will always be free from trouble, you should make donations to brahmanas.” O King, the delighted Nanda Maharaja then joyfully gave them gifts of cows and gold.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥