कालिय-सरोवर में कृष्ण अपनी विशाल भुजाओं को घुमाते हुए और तरह-तरह से पानी में शोर पैदा करते हुए, शाही हाथी की तरह खेलने लगे। जब कालिय ने ये आवाज़ें सुनीं तो वह समझ गया कि कोई उसके सरोवर में घुस आया है। साँप इसे बर्दाश्त नहीं कर सका और तुरंत ही सामने आ गया।
In the Kaliya-sarovara, Krishna began to play like a royal elephant, swinging his huge arms and creating various sounds in the water. When Kaliya heard these sounds, he knew that someone had entered his lake. He could not bear it so he immediately got out.
तात्पर्य
आचार्यों के अनुसार, भगवान कृष्ण केवल अपने हाथ व भुजाओं को पानी में छपाक-छपाक करके ही पानी में हीरे जड़ित अद्भुत संगीत की ध्वनियाँ उत्पन्न रहे थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥