श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  10.1.69 
उग्रसेनं च पितरं यदुभोजान्धकाधिपम् ।
स्वयं निगृह्य बुभुजे शूरसेनान् महाबल: ॥ ६९ ॥
 
 
अनुवाद
उग्रसेन के महाबली पुत्र कंस ने अपने पिता को भी, जो यदु, भोज और अंधक वंशों का राजा था, कैद कर लिया और स्वयं शूरसेन नामक राज्यों का शासन करने लगा।
 
उग्रसेन के महाबली पुत्र कंस ने अपने पिता को भी, जो यदु, भोज और अंधक वंशों का राजा था, कैद कर लिया और स्वयं शूरसेन नामक राज्यों का शासन करने लगा।
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दस के अंतर्गत पहला अध्याय समाप्त होता है ।
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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