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bhagavat 10.1.60: हे वसुदेव, आप अपने बच्चे को वापस ले जा सकते हैं और घर जा सकते हैं। मुझे आपके पहले बच्चे से कोई भय नहीं है। यह आप और देवकी की आठवीं संतान है जिसके बारे में मैं चिंतित हूं क्योंकि वही वह संतान है जिसके हाथों मेरी मृत्यु लिखी है।   |   bhagavat अध्याय 10.1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  10.1.60 
प्रतियातु कुमारोऽयं न ह्यस्मादस्ति मे भयम् ।
अष्टमाद् युवयोर्गर्भान्मृत्युर्मे विहित: किल ॥ ६० ॥
 
 
अनुवाद
हे वसुदेव, आप अपने बच्चे को वापस ले जा सकते हैं और घर जा सकते हैं। मुझे आपके पहले बच्चे से कोई भय नहीं है। यह आप और देवकी की आठवीं संतान है जिसके बारे में मैं चिंतित हूं क्योंकि वही वह संतान है जिसके हाथों मेरी मृत्यु लिखी है।
 
O Vasudev, you can take your child back and go home. I am worried about the eighth child of you and Devaki, at whose hands my death is written.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)