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श्लोक 10.1.3  |
अवतीर्य यदोर्वंशे भगवान् भूतभावन: ।
कृतवान् यानि विश्वात्मा तानि नो वद विस्तरात् ॥ ३ ॥ |
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| अनुवाद |
| यदुवंश में परमेश्वर पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् श्री कृष्ण प्रकट हुए। वह सम्पूर्ण विराट ब्रह्माण्ड के कारण हैं। कृपया मुझे उनके यशस्वी कार्यकलापों तथा उनके चरित्र का आदि से लेकर अन्त तक वर्णन करें। |
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| यदुवंश में परमेश्वर पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् श्री कृष्ण प्रकट हुए। वह सम्पूर्ण विराट ब्रह्माण्ड के कारण हैं। कृपया मुझे उनके यशस्वी कार्यकलापों तथा उनके चरित्र का आदि से लेकर अन्त तक वर्णन करें। |
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