श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  10.1.29 
तस्यां तु कर्हिचिच्छौरिर्वसुदेव: कृतोद्वह: ।
देवक्या सूर्यया सार्धं प्रयाणे रथमारुहत् ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
कुछ काल के पश्चात देववंश अथवा शूरवंश के वसुदेव ने देवकी से विवाह किया। विवाह के पश्चात वह अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ घर लौटने के लिए रथ पर चढ़ा।
 
Some time ago Vasudeva of the Devvansh (or Shuravansh) married Devaki. After the marriage he boarded his chariot to return home with his newly wedded wife.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)