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श्लोक 10.1.28  |
राजधानी तत: साभूत्सर्वयादवभूभुजाम् ।
मथुरा भगवान् यत्र नित्यं सन्निहितो हरि: ॥ २८ ॥ |
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| अनुवाद |
| तबसे से ही मथुरा नगरी सारे यदुवंश के राजाओं की राजधानी बनी रही। मथुरा नामक नगर और जनपद का कृष्ण से गहरा नाता है क्योंकि भगवान कृष्ण वहाँ सदा वास करते हैं। |
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| तबसे से ही मथुरा नगरी सारे यदुवंश के राजाओं की राजधानी बनी रही। मथुरा नामक नगर और जनपद का कृष्ण से गहरा नाता है क्योंकि भगवान कृष्ण वहाँ सदा वास करते हैं। |
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