श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 1: भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार: परिचय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  10.1.18 
गौर्भूत्वाश्रुमुखी खिन्ना क्रन्दन्ती करुणं विभो: ।
उपस्थितान्तिके तस्मै व्यसनं समवोचत ॥ १८ ॥
 
 
अनुवाद
माता पृथ्वी गाय का रूप धरकर अत्यंत दुखियारी और अपनी आँखों में आँसू लिए भगवान ब्रह्मा के सामने प्रकट हुईं और उन्हें अपनी विपदा के बारे में बताया।
 
Mother Earth took the form of a cow. She appeared before Lord Brahma with tears in her eyes and told him about her plight.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)