भीष्म पितामह को आकाश से गिरे हुए देवता के समान भूमि पर लेटे हुए देखकर पाण्डव सम्राट युधिष्ठिर ने अपने छोटे भाइयों तथा भगवान श्री कृष्ण सहित उन्हें प्रणाम किया।
Seeing him (Bhishmadev) lying on the ground like a god fallen from the sky, Pandava-emperor Yudhishthir along with his younger brothers and Lord Krishna bowed to him.
तात्पर्य
भगवान कृष्ण महाराज युधिष्ठिर के छोटे भाई और अर्जुन के अंतरंग मित्र भी थे। परन्तु पाण्डवों के सभी परिवार के लोग भगवान कृष्ण को परमेश्वर के रूप में ही जानते थे। भगवान अपनी परम स्थिति को जानते हुए भी मानवीय रीति से व्यवहार करते थे, इसलिए वह मृत्यु शैय पर पड़े भीष्मदेव के सामने ऐसे ही नम्र हो गए जैसे वह राजा युधिष्ठिर के ही किसी छोटे भाई हों।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥