| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 1: सृष्टि » अध्याय 4: श्री नारद का प्राकट्य » श्लोक 7 |
|
| | | | श्लोक 1.4.7  | कथं वा पाण्डवेयस्य राजर्षेर्मुनिना सह ।
संवाद: समभूत्तात यत्रैषा सात्वती श्रुति: ॥ ७ ॥ | | | | | | अनुवाद | | कैसे घटित हुआ कि राजा परीक्षित की इस महामुनि से भेंट हुई, जिसके परिणामस्वरूप वेदों के इस महान आध्यात्मिक सार (भागवत) का उन्हें सुनाया जाना संभव हो सका? | | | | कैसे घटित हुआ कि राजा परीक्षित की इस महामुनि से भेंट हुई, जिसके परिणामस्वरूप वेदों के इस महान आध्यात्मिक सार (भागवत) का उन्हें सुनाया जाना संभव हो सका? | | ✨ ai-generated | | |
|
|