कस्मिन् युगे प्रवृत्तेयं स्थाने वा केन हेतुना ।
कुत: सञ्चोदित: कृष्ण: कृतवान् संहितां मुनि: ॥ ३ ॥
अनुवाद
यह (कथा) सर्वप्रथम किस काल में तथा किस स्थान में प्रारम्भ हुई और इसका प्रारंभ किस कारण से हुआ? महामुनि कृष्ण द्वैपायन व्यास ने इस साहित्य (ग्रंथ) को संकलित करने की प्रेरणा कहाँ से पाई?
In which era and in which place did this (story) first begin and for what reason was it started? From where did Mahamuni Krishna Dwaipayan Vyas get the inspiration to compile this literature (text)?
तात्पर्य
क्योंकि श्रीमद्-भागवत श्रील व्यासदेव का विशिष्ट योगदान है, इसलिए विद्वान शौनक मुनि के द्वारा बहुत अधिक जिज्ञासाएँ हैं। वह जानते थे कि श्रील व्यासदेव पहले ही कम बुद्धिमान महिलाओं, शूद्रों और दो बार जन्म लेने वाले लोगों के परिवारों के पतित सदस्यों की समझ के लिए महाभारत तक वेदों के पाठ को विभिन्न रूपों में व्याख्या कर चुके हैं। श्रीमद्-भागवत उन सभी से परे है क्योंकि इसका किसी भी सांसारिक चीज़ के साथ कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए प्रश्न बहुत ही बुद्धिमान और प्रासंगिक हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥