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श्लोक 1.4.3  |
कस्मिन् युगे प्रवृत्तेयं स्थाने वा केन हेतुना ।
कुत: सञ्चोदित: कृष्ण: कृतवान् संहितां मुनि: ॥ ३ ॥ |
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| अनुवाद |
| यह (कथा) सर्वप्रथम किस काल में तथा किस स्थान में प्रारम्भ हुई और इसका प्रारंभ किस कारण से हुआ? महामुनि कृष्ण द्वैपायन व्यास ने इस साहित्य (ग्रंथ) को संकलित करने की प्रेरणा कहाँ से पाई? |
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| यह (कथा) सर्वप्रथम किस काल में तथा किस स्थान में प्रारम्भ हुई और इसका प्रारंभ किस कारण से हुआ? महामुनि कृष्ण द्वैपायन व्यास ने इस साहित्य (ग्रंथ) को संकलित करने की प्रेरणा कहाँ से पाई? |
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