श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 19: शुकदेव गोस्वामी का प्रकट होना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.19.39 
नूनं भगवतो ब्रह्मन् गृहेषु गृहमेधिनाम् ।
न लक्ष्यते ह्यवस्थानमपि गोदोहनं क्‍वचित् ॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मणवर, आप लोगों के घर में अधिक देर नहीं रुकते हैं। कहा जाता है कि आप उतनी देर भी लोगों के घर में नहीं रुकते हैं, जितनी देर में गाय का दूध दुहा जाता है।
 
हे ब्राह्मणवर, आप लोगों के घर में अधिक देर नहीं रुकते हैं। कहा जाता है कि आप उतनी देर भी लोगों के घर में नहीं रुकते हैं, जितनी देर में गाय का दूध दुहा जाता है।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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