जब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने उसी स्वरूप में इस पृथ्वी लोक को छोड़ दिया तभी से कलि, जो पहले ही कुछ अंशों में प्रकट हो रहा था, अल्पज्ञों के लिए अशुभ परिस्थितियाँ उत्पन्न करने के लिए पूर्ण रूप से प्रकट हो गया।
When Lord Sri Krishna left this earth in that same form, from that very day Kali, which had already partially manifested, manifested fully to create inauspicious conditions for the ignorant.
तात्पर्य
काली का प्रभाव केवल उन पर ही पड़ सकता है जो ईश्वर की चेतना में पूर्ण रूप से विकसित नहीं हैं। कोई व्यक्ति स्वयं को भगवान के व्यक्तित्व की सर्वोच्च देखभाल के तहत पूर्ण रूप से रखने से काली के प्रभावों को निरस्त कर सकता है। कुरुक्षेत्र के युद्ध के तुरंत बाद ही कलियुग आया, लेकिन भगवान की उपस्थिति के कारण यह अपना प्रभाव नहीं डाल सका। हालाँकि, भगवान ने अपने भौतिक शरीर में इस पृथ्वी को छोड़ दिया, और जैसे ही उन्होंने छोड़ा, कलियुग के लक्षण, जैसा कि द्वारका से अर्जुन के आगमन से पहले महाराज युधिष्ठिर ने देखा था, प्रकट होने लगे, और महाराज युधिष्ठिर ने पृथ्वी से भगवान के प्रस्थान पर सही अनुमान लगाया। जैसा कि हमने पहले ही समझाया है, भगवान हमारी दृष्टि से वैसे ही चले गए जैसे सूर्य अस्त होता है तो हमारी दृष्टि से बाहर हो जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥