स हि कालान्तरे ’क्रूरो
’पूर्वागत इवागतः
तथैव रथम् आदाय
पुनस् तस्मिन् व्रजे सखे
अनुवाद
हे मित्र! एक अन्य अवसर पर वही अक्रूर अपने रथ पर सवार होकर व्रज में आये, मानो वे पहले कभी आये ही न हों।
O friend, on another occasion the same Akrura came to Vraja on his chariot, as if he had never come before.
तात्पर्य
कंश के आदेश पर, वही अक्रूर फिर कृष्ण को मथुरा लाने के लिए आया। चूँकि, अक्रूर सहित सभी गोलोक के वातावरण के प्रभाव से विमुग्ध थे, कोई भी यह याद नहीं कर सका कि अक्रूर की यह वृंदावन में पहली बार उपस्थिति नहीं थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥