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श्लोक 2.6.317  |
इतस् ततो निपतिता
गोप-नारीः पशूंश् च सः
वर्जयन् वक्र-गत्याशु
रथं तं निरसारयत् |
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| अनुवाद |
| उसने जल्दी से रथ को भगा दिया, तथा इधर-उधर गिरे पशुओं और ग्वालिनों से बचने के लिए अपना रास्ता बदल लिया। |
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| He quickly drove the chariot away, and changed his course to avoid the animals and milkmaids that had fallen here and there. |
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