श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 2: उत्तर-खण्ड: श्री गोलोक महात्म्य  »  अध्याय 6: अभीष्ट-लाभ (सभी इच्छाओं का प्राप्ति)  »  श्लोक 237
 
 
श्लोक  2.6.237 
मूर्छितान् मृत-तुल्यांस् तान्
सर्वान् दृष्ट्वार्ति-यन्त्रितः
सु-गद्गद-स्वरेणोच्चैः
कृष्णं सम्बोध्य सो ’ब्रवीत्
 
 
अनुवाद
सभी को मृतवत भूमि पर अचेत देखकर बलराम दुःख से अभिभूत हो गए। भावावेश में रुंधे हुए स्वर में उन्होंने कृष्ण को पुकारा।
 
Seeing everyone lying unconscious on the ground like dead bodies, Balarama was overwhelmed with grief. In a choked voice, he called out to Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)