कुछ क्षणों के बाद मैंने कुछ लोगों को देखा, जो संभवतः ग्वाले थे, कुछ वृद्ध महिलाओं के साथ जंगल में घूम रहे थे, जिन्होंने भी ग्वाले की पोशाक पहन रखी थी और वे फूल तोड़ रही थीं।
After a few moments I saw some people, probably cowherds, walking in the forest with some old women, who were also dressed as cowherds and were plucking flowers.
तात्पर्य
गोपा-कुमार कहते हैं कि ये पुरुष "ग्वालों जैसे" (गोपान इव) नज़र आते थे। वे सांसारिक जगत के निश्चित रूप से सामान्य ग्वाले नहीं हो सकते थे। और न ही वह यह मान सकता था कि उसने जो बूढ़ी औरत देखीं वे वही थीं जैसी दिख रही थीं। वे ग्वालनों जैसे कपड़े पहने हुए थीं, पर वे वास्तव में क्या थीं, गोपा-कुमार ने अपने छात्र के लिए छोड़ दिया था ताकि वह बाद में खोजे। न तो छोटी गोपियाँ वहाँ फूल चुन रही थीं, या तो कृष्ण से बिछोह के कारण वे इस तरह की सेवा नहीं कर सकती थीं या फिर उन्हें ग्वालों के गाँव से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं थी। किसी भी मामले में, गोपा-कुमार ने साफ़-साफ़ देखा कि गोलोक के बूढ़े लोगों में भी परमेश्वर के लिए बहुत ही खास प्रेम था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥