वस्तुतः वह जगत, मेरा विचार है, भगवान हरि के परम गोपनीय ईश्वरत्व का सम्पूर्ण सार प्रदर्शित करता है।
In fact, that world, I believe, displays the entire essence of the supremely secret divinity of Lord Hari.
तात्पर्य
वैकुण्ठ से भी अधिक वैभवशाली है गोलोक। कोई शंका कर सकता है कि गोलोक परिमित विश्व के साधारण स्थान की तरह कैसे दिखाई दे सकता है। इस शंका के बावजूद, श्री गोलोक वास्तव में एक आध्यात्मिक क्षेत्र है जहां सर्वोच्च प्रभु अपने सौंदर्य, व्यक्तित्व और खेल प्रसंगों की मूलभूत पूर्णता प्रदर्शित करते हैं। यह उच्चतम पूर्णता भी सबसे गोपनीय रहस्य है, जिसे समझने का सौभाग्य कुछ भाग्यशाली आत्माओं को ही मिलता है। प्रभु के सभी निवासों में गोलोक का स्थान सर्वोच्च होता है, क्योंकि वहां प्रभु निरंतर ऐसी पूर्णता प्रदर्शित करते हैं जो अन्यत्र कहीं नहीं देखी जाती है। गोलोक सभी अन्य आध्यात्मिक निवासों से महान है, और गोलोक में कृष्ण ईश्वर के सभी अन्य रूपों से महान हैं। गोलोक में कृष्ण विशेष रूप से हरि के रूप में जाने जाते हैं, जो प्रभु हैं जो अपने सौंदर्य, व्यक्तित्व और प्रसंगों के साथ हर किसी के हृदय को चुरा लेते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥