कभी-कभी भगवान अकेले ही अपने प्रिय मित्र पाण्डवों से मिलने चले जाते थे, जो पास ही रहते थे।
Sometimes the Lord would go alone to visit his dear friends the Pandavas, who lived nearby.
तात्पर्य
पृथ्वी पर पाण्डव, द्वारका से कुछ दूरी पर. इस लिए कृष्ण को उनसे मिलने के लिए एक लम्बी यात्रा करनी पड़ी। वैकुण्ठ में, हालाँकि, स्थिति अलग है यहाँ तक कि अगर पाण्डवों का निवास द्वारका-पुरी से शारीरिक रूप से दूर है, आध्यात्मिक क्षेत्र में समय और स्थान की कोई सीमा नहीं है। भगवान की इच्छा की शक्ति से, किसी भी स्थान की जिसकी वे यात्रा करना चाहते हैं, वह तुरंत निकट आ जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥