यदि कभी आप दिव्य देवी राधिका से मिलें, तो आपको प्रेम का साक्षात् दर्शन होगा। और यदि कभी वे प्रेम के बारे में बोलें, तभी आप उसके सत्य को सुन पाएँगे, यदि आप उसे समझ पाएँ।
If you ever meet the divine goddess Radhika, you will experience love in person. And if she ever speaks about love, you will only hear its truth if you can understand it.
तात्पर्य
कृष्ण के गायन में नारद उनके प्रेम की चर्चा करने से कतराते हैं, और यदि वे इसके लिए बड़ा प्रयास भी करें, तो गोकुलराज के लिए उस प्रेम को समझ पाना सम्भव नहीं है। गोप-कुमार का हृदय अभी भी उसे समझने को तैयार नहीं है। परन्तु यदि गोप-कुमार ऐसे व्यक्ति से मिलते जो वास्तव में इस प्रेम को रखता हो, तो वह इसे सीधे देख पायेंगे। भगवान की सभी गोपियों में श्रीमती राधारानी भगवान को सबसे प्रिय होने के लिए प्रसिद्ध हैं। यदि गोप-कुमार उनसे मिल सकें, तो वह उन्हें कृष्ण के लिए अपने प्रेम के बारे में सत्य बता सकती हैं—यह कितना आनंद देने वाला है, कितना कष्टदायी और दुखदायक है, और इसके बारे में अन्य बातें भी। चाहे नारद को श्रीमती राधारानी से ऐसे निर्देश प्राप्त कर लें, तब भी वे इन्हें गोप-कुमार को नहीं सुना पाएँगे क्योंकि ये निर्देश नारद को पागल की तरह पूरी तरह से भ्रमित कर देंगे। इस प्रकार, गोप-कुमार इस परम विज्ञान के रहस्यों को तभी समझ पाएँगे जब वे उन्हें अपनी मूल गुरु, श्रीमती राधारानी के रूप में स्वयं देखेंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥