कृष्ण-विक्रीड़ितं वीक्ष्य
मुमुहुः खे-चर-स्त्रियां
कामादिताः शशाङ्कश्च
स-गणो विस्मितो 'भवत्
"देवताओं की पत्नियाँ, हवाई जहाज से कृष्ण की चंचल गतिविधियों को देखकर, मुग्ध हो गईं और वासना से उत्तेजित हो गईं। वास्तव में, यहाँ तक कि चंद्रमा और उसके दल, तारे, भी चकित हो गए। " (भागवतम् 10.33.18)
