वे लोग, जिनका व्यवहार सभ्य लोगों जैसा था, मेरा झुकना और सम्मान के अन्य संकेत दिखाना बर्दाश्त नहीं कर सके। वे मुझे अपने नगर की बाहरी सीमा पर ले आए और एक प्रवेश द्वार से अंदर ले गए।
Those people, who behaved like civilized people, could not tolerate my bowing and showing other signs of respect. They brought me to the outskirts of their town and led me inside through a gateway.
तात्पर्य
मानवों और वानरों दोनों ने मिलकर गोपा कुमार को भगवान राम के नगर में पहुँचाया। जब वे प्रवेश द्वार पर पहुँचे, तो गोपा कुमार भगवान के इन सेवकों को देखकर अति आनंदित हो गए और वे अपने बल पर नगर में प्रवेश करने में असमर्थ हो गए। यह स्वयं भगवान राम ने ही अपने भक्तों को नगर के बाहर गोपा कुमार से मिलने के लिए भेजा होगा, क्योंकि अपने भगवान के बिना उनके चरण कमलों में निहित रस के लिए निष्ठा से समर्पित ऐसे भक्त इतनी दूर नहीं आते। गोपा कुमार वैकुण्ठ के निवासियों के समान उन पुरुषों के साथ व्यवहार नहीं कर सके, क्योंकि भगवान राम के इन भक्तों ने उन्हें कोई सम्मान नहीं दिखाने दिया। वे अपने व्यवहार में आर्यों से भी श्रेष्ठ थे, सभी के प्रति नम्र और विचारशील; वस्तुतः सभ्य आर्य ने अपने व्यावहार मानकों को भगवान राम के भक्तों से सीखा है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥